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जाने कार के बारे में

फ्रीज़ का इतिहास जरूर पढ़े

                                                फ्रीज़  का  इतिहास    दोस्तो आपके घर में फ़्रिज होगा ।लेकिन क्या आप फ़्रिज का इतिहास जानते है? ? कि कैसे ये युरोप के देशो से भारत में आया और क्यों आया ? ? ? ? दरअसल कुछ वर्ष पहले KELVINATOR नाम की फ़्रिज बनाने वाली कंपनी भारत में आई । क्यों आई  क्या उसके मन में दया आ गई कि भारत के लोगो को ठंडा पानी पिलाना है ? नहीं कारण कुछ और था । वो कारण ये था कि KELVINATOR की marketing खत्म हो गयी पुरे युरोप और अमेरिका में | क्यों खत्म हो गई  क्यों कि अमेरिका और युरोप के देशो में एक समस्या शुरु हो गई (कलोरो फ़लोरो कार्बन के एमिशन की ) (C.F.C) | ये समस्या रेफ़ारिजरेटर के कारण हुई । क्योंके कि इससे C.F.C बहुत निकलता है । C.F.C से होता क्या है कि हमारे वातावरण एक़ अजोन परत होती है जो हमको सूर्य से निकलने वाली अॅल्ट्रा वालेट रेन से बचाती है ।ये अगर आपकी चमड़ी पर सीधी पर जाये तो आपकी...

एयर कंडीस्नर की सर्विस और बचत

एयर कंडीस्नर की सर्विस गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अब वक्त है एसी को फिर से चालू करने का, लेकिन एसी चालू करने से पहले उसकी सेहत देखना भी जरूरी है। कैसे आइए जानें खुद चेक करें - सबसे पहले यह देखें कि आपके एसी में समस्या क्या है। मसलन उसे स्टार्ट करके देखें। हो सकता है वह स्टार्ट ही न हो रहा हो। या स्टार्ट हो भी रहा है तो हो सकता है वह कूलिंग न कर रहा हो। या स्टार्ट हो रहा हो और गर्म हवा दे रहा हो। - अगर स्टार्ट ही नहीं हो रहा है तो सॉकेट में प्लग ठीक से लगा है, यह सुनिश्चित करें। कई बार काफी दिनों तक इस्तेमाल में न होने के कारण प्लग ढीला हो जाता है। फिर भी स्टार्ट नहीं हो रहा है तो आगे का काम मकैनिक करेगा। - अगर ठंडा नहीं कर रहा है तो देखें कि फैन ब्लोअर बेल्ट कहीं से टूट तो नहीं गई है। ऐसा होने से भी कई बार कूलिंग कम हो जाती है। ब्लोअर बेल्ट को रिपेयर कराने या बदलवा देने से कूलिंग ठीक हो जाती है। - एसी की असली स्थिति पहले से पता होगी तो सर्विस के बाद उसे चेक करने में आपको आसानी होगी। पहले हो सफाई - सबसे पहले तो यह देखें कि आपका एसी लगा कहां है। अगर वह...

ऐरकंडीस्नर की समस्त जानकारी

                                        वातानुकूलन                                                                    विकिपीडिया, मुक्त विश्वकोश से  यह आलेख हवा के ठंडा होने के बारे में है ताप, वेंटिलेशन और वातानुकूलन के लिए, एचवीएसी देखें। वाहनों में एयर कंडीशनिंग सिस्टम के लिए, ऑटोमोबाइल एयर कंडीशनिंग देखें। घुमावदार एयर एलबम के लिए, एयर कंडीशनिंग देखें। "ए / सी" यहां पुनर्निर्देश करता है अन्य उपयोगों के लिए, एसी देखें  एक इमारत  पर एयर कंडीशनिंग यूनिट एयर कंडीशनिंग (आमतौर पर एसी, ए / सी या एयर कॉन [1] के रूप में जाना जाता है) एक व्यस्त स्थान के इंटीरियर से गर्मी और नमी को निकालने की प्रक्रिया है, ताकि रहने वाले लोगों के आराम में सुधार हो सके। एयर कंडीशनिंग दोनों घरेलू और व्यावसायिक वाता...

अल्टरनेटर का उपयोग

                                                                                                                        अल्टरनेटर  अल्टरनेटर प्रत्यावर्ती धारा उत्पन्न करने वाला विद्युत जनित्र है। वस्तुतः यह एक तुल्यकालिक मशीन है। वर्तमान समय में अधिकांश शक्ति संयंत्रों में विद्युत उत्पादन का कार्य अलटरनेटर ही करते हैं। समय के साथ साथ बहुत बड़े बड़े आकार के अलटरनेटर बनने लगते हैं। ५०,००० से १,५०,००० किलोवाट की क्षमतावाले जनित्र अब सामान्य हो गए हैं। ये निरंतर प्रवर्तन करनेवाली मशीनें हैं, इसलिए इनकी संरचना भी अत्यंत मानक आधार (exacting standards) पर होती है। मुख्यत:, यह स्वत: कार्यकारी मशीन होती है और इसके सारे प्रवर्तन दूरस्थ नियंत्रण (remote control) द्वारा नियंत्रित क...

मोटर से बने आसान सामान

                 मोटर  से बने  आसान  सामान  की जानकारी                  जेनरेटर विद्युत जनित्र (एलेक्ट्रिक जनरेटर) एक ऐसी युक्ति है जो यांत्रिक उर्जा को विद्युत उर्जा में बदलने के काम आती है। इसके लिये यह प्रायः माईकल फैराडे के विद्युतचुम्बकीय प्रेरण (electromagnetic induction) के सिद्धान्त का प्रयोग करती है। विद्युत मोटर इसके विपरीत विद्युत उर्जा को यांत्रिक उर्जा में बदलने का कार्य करती है। विद्युत मोटर एवं विद्युत जनित्र में बौत कुछ समान होता है और कई बार एक ही मशीन बिना किसी परिवर्तन के दोनो की तरह कार्य कर सकती है। विद्युत जनित्र, विद्युत आवेश को एक वाह्य परिपथ से होकर प्रवाहित होने के लिये वाध्य करता है। लेकिन यह आवेश का सृजन नहीं करता। यह जल-पम्प की तरह है जो केवल जल-को प्रवाहित करने का कार्य करती है, जल पैदा नहीं करती।  विद्युत जनित्र द्वारा विद्युत उत्पादन के लिये आवश्यक है कि जनित्र के रोटर को किसी बाहरी शक्ति-स्रित की सहायता से घुमाया जाय। इसक...